दुर्गापुर स्टील प्लांट में श्रम के आराध्य का भव्य उत्सव
स्टील सिटी (तारकेश्वर राय ):सृजन, शिल्प और यंत्रों के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर आज इस्पात नगरी दुर्गापुर का हृदय स्थल दुर्गापुर स्टील प्लांट भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा। प्लांट के सीसीपी (ऑपरेशन ) परिसर में विश्वकर्मा पूजा का भव्य आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।आज का दिन केवल पूजा का नहीं, बल्कि उन हाथों के सम्मान का है जो लोहे को आकार देते हैं, जो मशीनों में जान फूंकते हैं। इसी भावना के साथ पूरे परिसर को फूल-मालाओं और रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया था।कार्यक्रम का शुभारंभ दुर्गापुर स्टील प्लांट के DIC श्री सूरजीत मिश्रा के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उनके साथ मंच की शोभा बढ़ा रही थीं ED (HR) श्रीमती सुष्मिता रॉय, साथ ही मटेरियल मैनेजमेंट , प्रोजेक्ट्स एवं अन्य विभागों के ED और कई वरिष्ठ अधिकारी। अधिकारियों और श्रमिकों की एक साथ उपस्थिति ने इस बात का प्रमाण दिया कि दुर्गापुर स्टील प्लांट एक परिवार है.कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत CGM यतेन्द्र कुमार तथा GM रजत चटर्जी ने किया।पूजा की सफलता के पीछे जिन हाथों की मेहनत थी, उनमें पूजा समिति के ऋषिकेश सिंह, उदय शंकर मंडल, देबाशीष, बिट्टू कुमार, सोमनाथ घटक सहित पूरी टीम ने दिन-रात एक कर इस आयोजन को भव्यता प्रदान की।मंत्रोच्चार के बीच भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। सभी ने एक स्वर में दुर्गापुर स्टील प्लांट की निरंतर प्रगति, संयंत्र की सुरक्षा, सभी कर्मचारियों के सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।सीसीपी (ऑपरेशन ) का पूरा परिसर आज किसी मेले से कम नहीं लग रहा था। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक, सभी एक साथ प्रसाद ग्रहण करते, एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते नजर आए। यही तो विश्वकर्मा पूजा का असली संदेश है - एकजुटता में ही निर्माण है।अंत में पूजा समिति ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भव्यता किसी एक की नहीं, बल्कि सामूहिक सहयोग और एकजुटता की जीत है।
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